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Wednesday, July 13, 2022

चूहा...!!!


पकड़-पकड़
कस के जकड़,
वरना भाग जाएगा।

बदमाश बड़ा है
ज़मीन पर रगड़,
ख़ूब सताएगा

नुक़सान करता है,
सामान चुराता है,
जब देखो हमारी
चीज़ें खा जाता है।

सिरदर्द बना है सबका
जाने कहाँ से टपका

कौन इसे पकड़ेगा पहले,
शर्त यही लगाते हैं,
घर का कोना-कोना,
घरवाले छान मारते हैं।

ढूँढो उसको सारे मिलकर,
घर के किस कोने में छुपा है,
अरे बाबा- कोई और नहीं है,
वो एक मोटा  "चूहा"  है।😜


रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है ।प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo







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