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Monday, May 14, 2018

सिरफिरी आशिक़ी...!!! रोहिणी संकलन से...


by Rohini Shailendra Negi on Tuesday, September 11, 2012 at 11:42am







ये दिलकश सुराहीदार गर्दन,
जो पैमाने-सा रु-ब-रु है मुझसे,
छूकर हल्का सा कस दूँ,
तो क्या हो........??

लस-लसाती हिरनी सी कमर,
जो हर वक़्त ललचाती है मुझको,
धीमे से मरोड़ दूँ,
तो क्या हो........??

फूल जैसे उठते कदम,
जो आहट का एहसास कराते हैं,
झटके से तोड़ दूँ,
तो क्या हो........?? 

ये श्वेत-संगमरमरी बदन,
जो मूरत बन हर नज़र का आकर्षण है,
कपड़े-सा निचोड़ दूँ,
तो क्या हो........??


रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com

गुज़रा पल...!!! "रोहिणी संकलन" से...

ये सुहानी रात चाँदनी लिए साथ,
कितनी शांत और खुश-नसीब लगती है,
पर मेरी तनहाई मेरे जिस्म से लिपटी,
यादों की सौगात लिए बैठी है |

उसके शब्दों का, 
मुरली की धुन की तरह,
मेरे कानों मे रस घोलना,
उस की आहट से मेरी साँसों का,
अपने दिल को टटोलना |

उसकी एक झलक पाने को आतुर,
मेरी नज़रों का बौखलाना,
पलकों की पंखुड़ियों से,
अनमोल मोतियों का बार-बार टपकना |

न जाने आज कहीं छूट-सा गया है,
हाय ! मेरा प्रियतम..........!!
मुझसे रूठ-सा गया है.......!!
रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com

"बिछोह"...!!! "रोहिणी संकलन" से...


छोड़ के हाथ मेरा ऐसे मोड़ पर, 
जा तो रहा है तू,



पर ये सोच कि तेरा भी कुछ, 
छूट तो न जायेगा.......??


अश्कों के बादल, सीने की चुभन,
दिल के जख्मो पे,


कौन तेरे जाने के बाद ,
मरहम लगा पायेगा.....??


हल्की सी खलिश सीने की मेरे,
चैन तो न देगी मुझे,


वफ़ा की आड़ में बेवफाई का दर्द,
जाने कौन अब मिटा पाएगा ||



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