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Tuesday, September 28, 2010

"दुखती रग"...!!! "रोहिणी संकलन" से.....

created on September 27th 2010 Monday at 5:30pm.

दुखती रगों को न छेड़ना, ये बड़ा दुःख देती हैं,
हाथ कहीं लगता है, और छट-पटाहट कहीं होती है..!

जिस तरह कोई दबी याद, दिल के किसी कोने में बंद,
फिर से अक्स बनकर, रूबरू हो जाती है...!
दुखती रग भी वैसे ही, किसी के छू जाने से,
अनजाने मन से ही सही, पर हल्की चुभन दे जाती है..!

इससे बचकर रहना, भूल से भी कुछ न कहना,
मुंह अगर खोला भी तो, जिंदगी भर तड़पाती है...!
राज़ छुपाने में जो मज़ा है, खोलने में कहाँ..?
असलियत खुलने पर तो, जान पे बन आती है..!

ये कभी मत सोच, कि कसर बाकी थी कुछ करने में,
जितना करो, सीने में कोई कसक तो रह ही जाती है..!
न जी ऐसे ही तनहाइयों में, सर को झुका कर तू,
यादें साया बनकर अक्सर, इर्द-गिर्द मंडराती हैं..!

किसी ने सच ही कहा है, गड़े मुर्दे न उखाड़ना,
उन्हें उखाड़ने से...... सिर्फ बदबू ही आती है..!
ग़र ये सिलसिला यूँ ही चले, ज़िन्दगी पुर-ज़ोर चले,
चाहे सघन अँधेरा हो फिर भी, धुप तो निकल ही आती है..!

रिश्ता जितना पक्का रहे, उतना ही सफ़र अच्छा है,
जिंदगी तो चलने का नाम है, आगे ही बढती जाती है..!
जस्तजू और आरज़ू भला कहाँ पुरे हुए हैं किसी के,
ये ख्वाहिशें हैं..... पूरा करते-करते जान निकल जाती है..!!


रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com

Wednesday, September 15, 2010

अहिस्ता से...!!! "रोहिणी संकलन" से...!!!

Wednesday, September 15, 2010 at 4:01pm

दस्तक दे गयी एक नज़र उनकी,
दरवाज़े पर अहिस्ता से,
कह गयी कुछ बातें अनकही,
दरवाज़े पर अहिस्ता से |

दूर दरख्तों के पत्तों की आहट,
सुनते हैं अहिस्ता से,
बेसब्री मैं खोये हुए हैं,
और बेचैनी है अहिस्ता से |

एक कहानी अनछुई सी,
छोड़ गए अहिस्ता से,
एक निशानी बन गयी अब,
जो दे गए अहिस्ता से |

चुप रह कर भी राज़ दिलों के,
खोल गये अहिस्ता से,
आरज़ू है मिलने की तुमसे,
बोल गए अहिस्ता से |

शाख पर बैठा वो पंछी,
उड़ गया अहिस्ता से,
आँख से ओझल हुआ और,
गम हुआ अहिस्ता से |

जिंदगी अब एक पहेली,
बन गयी अहिस्ता से,
इसकदर जब दूर मुझसे,
तुम गए अहिस्ता से |

ये गली, ये घर, ये कोने,
पूछें अब अहिस्ता से,
आ भी जाओ के बुलाती हैं,
ये बाहें अहिस्ता से ||

रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com