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Wednesday, May 22, 2013

प्यास....!!! "रोहिणी संकलन" से.....

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प्यासी हैं राहें, प्यासी निगाहें,
प्यासी हैं सीने की धड़कन, ये बाहें,
प्यासा है ये आज संसार सारा,
प्यासा वो पल हो सका न हमारा,
प्यासे हैं चाहत के दिन और साँसे,
प्यासी हैं राहें...........................

प्यासा हर एक आदमी आजकल है,
प्यासा है वो जो बिरहा का पल है,
प्यासा है कूँआ भरा जिसमें जल है,
प्यासा है वो अधखिला जो कँवल है,
प्यासी बहारों में बहती हवायें,
प्यासी हैं राहें.........................

प्यासा है आगोश जो लिपटे तो छू दें,
प्यास है पलकों पे ठहरी तो रोदें,
प्यासी हैं लब पे तबस्सुम की बूंदे,
प्यासी हैं आँखें खड़े जिसको मूंदे,
प्यासी सुलगती वो खामोश चाहें,
प्यासी हैं राहें.........................

प्यासी हैं धरती और प्यासा गगन है,
प्यासा है ये दिल जिसमे अगन है,
प्यासा है मन और प्यासा ही तन है,
प्यासे हैं शायद तभी ये जलन है,
प्यासी हैं मदहोश कोमल सी बाहें,
प्यासी हैं राहें.........................

प्यासी है दिल की हर एक् सांस मेरी,
प्यासी है जीवन की हर आस मेरी,
प्यासी ये कलियाँ बहारें चमन में,
प्यासी है इच्छा और, मन भी विकल है,
प्यासी सिसकती वो बेचैन आहें,
प्यासी है राहें.........................


रोहिणी संकलन से एक रचना..........ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com

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