Pages

Thursday, March 8, 2012

जिंदगी का इंतज़ार..!!! "रोहिणी संकलन" से...

created on on friday 15/10/10 at 2:30PM


दिल को मेरे अब जिंदगी का इंतज़ार है,
मैं क्या बताऊँ जिंदगी से मुझे प्यार है,
तुम हो मेरी वो जिंदगी,
तुमसे ही तो मेरा ये संसार है
दिल को मेरे अब............

मैं देखती हूँ तेरे आने की उस रह को,
जिस पर चले तुम लेके अपनी चाह को,
तुम खुश रहो मिल जाए तुमको,
जिसका तुम्हे भी इंतज़ार है
दिल को मेरे अब............

मैं कुछ न जानू बस में नहीं है कुछ मेरे,
सोचती कुछ हूँ होता है कुछ दिल से मेरे,
लगता है दर कहीं चली जाए न,
जिंदगी से ये जो बहार है

दिल को मेरे अब............

सोचकर तुम ही बताओ कुछ की मैं क्या करूँ,
मैं तो हमेसः तुम्हारे ख्यालों में ही रहूँ,
देखो कहीं कुछ खो जाए न,
इसलिए दिल बेकरार है

दिल को मेरे अब.............


"रोहिणी संकलन" से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क करें rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com

No comments:

Post a Comment