Created on August 15th 2010 at 7pm.
खचा-खच भरे कमरे में,
यूँ ही बैठे-बैठे एक दिन,
अपने दिमाग को खरोचा,
सबने मिल कर सोचा,
कुछ अलग करने और दम भरने का...!!
निश्चय हुआ एक मंचन करने का ||
नाम सुनते ही छूटा कम्पन,
सोचा.....मुझसे नहीं हो पायेगा ये मंचन,
मेरे बस की बात नहीं है,
जो भी हो.... मेरे ऐसे हालात नहीं है,
छोडो भी जाने दो......क्या रखा है मंचन में,
मैं खुश हूँ........ अपने इसी प्रवचन में ||
वो बोले......इसमें डरने की क्या बात है....??
किसी-किसी को मिलती ऐसी सौगात है,
खुश-नसीब हो........ जो पता चला है,
बोलने का मौका......भला किसी को मिला है...??
स्टेज फियर भी कोई फियर होता है......??
गर कूदोगे मैदां में.......तो ही दूर होता है ||
मैंने कहा.....मैं नहीं बोल पाऊँगी,
सबके आगे आपना मुंह नहीं खोल पाऊँगी,
गयी तो ये दिल जोर से धड्केगा,
और दर्शकों का गुस्सा मुझपर भड़केगा ||
वो बोले........दिल को थाम कर मंच पर चढ़ना,
जो मन में आये बस वही पढना,
दर्शकों का क्या है...........??
समझे........तो ताली बजायेंगे,
वरना सिर खुजाते रह जायेंगे ||
इसी बात पर उनकी......मैंने दिल को समझाया,
और कविता पाठ करने का मन बनाया,
लम्बी-सी सांस तब अन्दर खिंची,
और अपनी दोनों आँखें जोर से भींची ||
डरते-डरते ही मैंने कदम बढाया था,
जब उसने मुझे ढाढस बंधाया था ||
आँखें खोलते ही सामने दर्शकों को बैठा पाया,
मुख से अनायास ही 'भगवन' निकल आया ||
सबकी निगाहें मुझ पर टिकी थी,
जो तीर की तरह मुझे चुभ रही थी,
फिर डरते हुए मैंने अपना मन बनाया,
और एक ही सांस में सारा 'मुखड़ा' कह सुनाया ||
मुखड़ा सुनते ही सन्नाटा छा गया,
लगा.... दर्शकों को कोई सांप सूंघ गया,
बांध के बोरिया-बिस्तर दिल किया भाग जाये,
इससे पहले की कोई जाग जाये....??
फिर सोचा....ओखली में सर दिया है,
तो मूसल से क्या डरना,
जो होगा बाद में देखा जायेगा,
अभी तो मुझे है कुछ करना ||
पर ये क्या.......!! देख आश्चर्य हुआ,
मेरी पंक्तियों में हर कोई था खोया हुआ,
देख चेहरे पर मुस्कराहट आयी,
दूर हुई.....कुछ देर पहले जो मायूसी थी छाई ||
कविता पाठ ने मेरा आत्मविश्वास जगाया,
कैसे बोला जाता है मंच पर.......ये सिखाया,
डर इंसान को कमज़ोर बनाता है.........सुना था,
पर याद रहेगा........आज के मंचन में,
इसके विपरीत कुछ हुआ था ||
रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क करें || rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com
No comments:
Post a Comment