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Wednesday, October 20, 2010

तमन्ना...!!! "रोहिणी संकलन" से...

तमन्ना यही इक,
अगर मान लो तुम,
कि तुम बिन जहाँ में,
हमें कौन प्यारा...??

आहट भी होतो,
लगे दिल को जैसे,
कहीं से कोई,
हमनशीं आ रहा है |

हसरत में डूबे हैं,
हम तो तुम्हारे,
है कौन दूजा,
हमें जो संभाले...??

जहाँ में तुम्हारे,
सिवा है न कोई,
कि बाहें पसारे,
अपलक देखते हैं |

घड़ियाँ जो गिनते हैं,
गिनते ही रहते हैं,
इतना सुकूं है कि,
आओगे इक दिन |

बस बेसब्र होकर,
जीते हैं हम तो,
कि कुछ पल हैं कटते,
और कुछ काटने हैं |


रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com

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