Monday, March 8, 2010 at 6:13pm
लिखने से क्या होता है ??
इस से जिन्दगी नहीं चलती,
जीने के लिए क्या करना है ??
कुछ तो पता चले !!
रोज़ कलम हाथ में लेकर,
जब भी लिखना चाहा कुछ,
समझ न आया क्या लिखना है ??
कुछ तो पता चले !!
उम्मीदें बहुत हैं ज़रिया कम,
कोशिश तो फिर भी करते हैं,
कामयाब नहीं होते क्यों..??
कुछ तो पता चले !!
क्या मुझमें कमी है कोई ??
या खुद पर ऐतबार नहीं है,
कशमकश किस बात की है ??
कुछ तो पता चले !!
दम भी रखते हैं काम करने का,
जोश भी होता है कर गुज़रने का,
सामना करने से क्या घबराते है ??
कुछ तो पता चले !!
उस दिन का इंतजार है,
जो दस्तक दे दरवाज़े पर,
देखें उपहार क्या देता है ??
कुछ तो पता चले !!
रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क करें || rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com
kavi ki manahsthiti ka bodh hota hai.
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