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Monday, June 20, 2016

सुख की नींद...!!! "रोहिणी संकलन" से...

माँ ऐसा तु खिलौना ला दे,
सुख की नींद मैं सो पाऊँ,

आने वाला कल कैसा है...?
क्यों सोचूँ और घबराऊँ |

जीवन क्या है, क्या नहीं,
इस दौड़-भाग से परे रहूँ,

अपने नरम-नरम तकिये संग, 
मीठी-मीठी बात करूँ |

जब सब कुछ मिथ्या है....फिर क्यों,
व्यर्थ मे चिंता वहन करूँ,

कल जो आए कल देखूँगा, 
उसमें आज क्यों नष्ट करूँ |


रोहिणी संकलन से एक रचना...............ये रचना रोहिणी की निजी संपत्ति है, प्रकाशित करने से पहले कृपया संपर्क कर अनुमति लें|| rohinisnegi@gmail.com/rohininegi@yahoo.com

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